पोस्ट विवरण
User Profile

गेहूं : जानें पोटाश डालने का सही समय

सुने

गेहूं की बेहतर पैदावार के लिए पोटाश का उपयोग करना बहुत जरूरी है। रेतीली भूमि में पोटाश की मात्रा बहुत कम होती है। इसलिए अगर आप रेतीली भूमि में गेहूं की खेती कर रहे हैं तो पोटाश का उपयोग करना आवश्यक है। गेहूं की फसल में हम 2 बार पोटाश का उपयोग कर सकते हैं। अगर आप भी कर रहे हैं गेहूं की खेती तो पोटाश इस्तेमाल करने का सही समय एवं उचित मात्रा की जानकारी होना आवश्यक है। आइए इस विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

गेहूं की फसल में पोटाश उपयोग करने का सही समय

  • खेत तैयार करते समय प्रति एकड़ भूमि में 25 किलोग्राम पोटाश मिलाएं।

  • यदि खेत तैयार करते समय पोटाश का उपयोग नहीं किया गया है तो इसकी कमी दूर करने के लिए पहली सिंचाई के समय इसका उपयोग कर सकते हैं।

  • पौधों में बालियां बनते समय पोटाश की पूर्ति के लिए खेत में प्रति एकड़ खेत में 1 किलोग्राम एनपीके 00:00:50 खाद का उपयोग करें।

पोटाश इस्तेमाल करने के फायदे

  • पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं। जिससे पौधों के गिरने की समस्या नहीं होती।

  • पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

  • अधिक ठंड होने पर पौधों का बचाव होता है।

  • फसल जल्दी पक कर तैयार होती है।

  • दाने ठोस एवं चमकदार होते हैं।

  • दानों में दूध की मात्रा अधिक होती है।

यह भी पढ़ें :

हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि आपको इस पोस्ट में दी गई जानकारी पसंद आई है तो इस पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसानों के साथ साझा भी करें। जिससे अधिक से अधिक किसान मित्र इस जानकारी का लाभ उठा कर गेहूं की बेहतर पैदावार प्राप्त कर सकें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

Pramod

Dehaat Expert

28 लाइक्स

2 टिप्पणियाँ

23 November 2021

शेयर करें
banner
फसल चिकित्सक से मुफ़्त सलाह पाएँ

फसल चिकित्सक से मुफ़्त सलाह पाएँ