पोस्ट विवरण
User Profile

जानें सरसों की फसल में पोषक तत्वों की कमी के लक्षण

सुने

सरसों की फसल में पोषक तत्वों की कमी होने का सीधा असर पैदावार पर होता है। सही मात्रा में पोषक तत्वों का प्रयोग कर के हम उच्च गुणवत्ता की फसल प्राप्त कर सकते हैं। कई बार किसानों को पोषक तत्वों की कमी के लक्षण की सही जानकारी नहीं होती है। जिससे उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी कर रहे हैं सरसों की खेती तो पोषक तत्वों की कमी के लक्षण एवं इसकी पूर्ति की सही जानकारी यहां से प्राप्त कर सकते हैं। आइए इस विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

पोषक तत्वों की कमी के लक्षण

  • नाइट्रोजन : नाइट्रोजन की कमी होने पर पौधों की पुरानी पत्तियां पीले रंग की हो जाती हैं। पौधों के विकास में बाधा आती है। पौधों में शाखाएं नहीं निकलती हैं।

  • फॉस्पोरस : फॉस्पोरस की कमी होने पर इसके लक्षण सबसे पहले पौधों की नीचली पत्तियों पर नजर आते हैं। पत्तियां बैंगनी से गहरे नीले एवं लालिमा लिए हरे रंग की हो जाती हैं। पौधों के तने पतले एवं छोटे रह जाते हैं। जड़ों के विकास में भी बाधा आती है।

  • पोटैशियम : पोटैशियम की कमी होने पर पौधों की निचली पत्तियां मुरझाने लगती हैं। नई पत्तियां आकार में छोटी रह जाती हैं। पौधों के विकास में बाधा आती है।

कैसे करें पोषक तत्वों की पूर्ति?

  • सरसों की फसल में नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटेशियम की कमी को पूरा करने के लिए एन.पी.के. 19:19:19 का छिड़काव करें।

  • प्रति एकड़ भूमि में 250 ग्राम देहात नैनो ब्लू का प्रयोग करने से भी फसल में नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटेशियम की पूर्ति होती है।

यह भी पढ़ें :

हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि आपको इस पोस्ट में दी गई जानकारी पसंद आई है तो इस पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसानों के साथ साझा भी करें। जिससे अधिक से अधिक किसान मित्र भी इस जानकारी का लाभ उठाते हुए मूंगफली की खेती से बेहतर मुनाफा कमा सकें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

SomnathGharami

Dehaat Expert

12 लाइक्स

26 November 2021

शेयर करें
banner
फसल चिकित्सक से मुफ़्त सलाह पाएँ

फसल चिकित्सक से मुफ़्त सलाह पाएँ