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किसान डॉक्टर
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ज्वार में रतुआ रोग प्रबंधन (Rust management in Sorghum)

ज्वार में रतुआ रोग एक फफूंद जनित बीमारी है, जो पक्सीनिया पेनिसेटी नामक कवक के कारण होती है। पत्तों पर छोटे, नारंगी-भूरे रंग के चूर्ण जैसे धब्बे दिखते हैं, रोग का प्रकोप ज्यादा होने पर पत्तियां सूखने लगती है और फसल की वृद्धि रुक जाती है। संक्रमित पौधों से रोग पूरे खेत में फैल सकता है।
प्रबंधन:
- प्रतिरोधी किस्मों का चयन करें।
- खेत में अच्छी वायु संचार व्यवस्था बनाए रखें।
- संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें, नाइट्रोजन की अधिकता से बचें।
- रोग के लक्षण दिखने पर सिंपैक्ट (एज़ोक्सिस्ट्रोबिन 18.2% + डिफेनोकोनाज़ोल 11.4% SC): 350-400 मिली/एकड़ या टेबुकोनाज़ोल 25% ईसी 200 मिलीलीटर/एकड़ को 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
ज्वार में रतुआ रोग से बचाव के लिए आप कौन-कौन सी दवाओं का उपयोग करते हैं? हमें कमेंट में जरूर बताएं। ऐसी ही उपयोगी जानकारी के लिए 'किसान डॉक्टर' चैनल को फॉलो करें और इस जानकारी को लाइक और शेयर करें!
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