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राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन की हुई शुरुआत, तेल के कीमतों पर लगेगा अंकुश

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हमारे देश में तेल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। तेल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी ने 'राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन' की शुरुआत की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन पॉम ऑयल की घोषणा करते हुए कहा कि 'इस योजना के तहत सरकार के द्वारा करीब 11 हजार करोड़ रुपए निवेश किए जाएंगे। योजना की शुरुआत से पाम ऑयल यानी ताड़ के तेल के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और तेल के आयत में कमी आएगी। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना के अंतर्गत पाम ऑयल के अलावा पारंपरिक तिलहन की खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा।'

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की नौवीं किस्त जारी करते हुए उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से देश के किसानों से कहा कि 'आज जब भारत विश्व के 10 बड़े कृषि निर्यातक देशों में शामिल है। लेकिन केवल गेहूं, चावल और चीनी की आत्मनिर्भरता काफी नहीं है। हमें दाल और खाद्य तेल के मामले में आत्मनिर्भर होना होगा। पिछले छह सालों में दाल के उत्पादन में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब हमें खाद्य तेलों के उत्पादन में भी वृद्धि करनी होगी। इसके लिए देश के किसानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बात करें आंकड़ों की तो मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में करीब 93 लाख मीट्रिक टन पाम ऑयल की सालाना खपत होती है। जिसका करीब 60 प्रतिशत तेल आयात किया जाता है। दालों की तरह खाने के तेल में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने देश के किसानों से अपील भी की है। साथ ही राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के लाभों पर भी बात की, आइये जानते हैं क्या कुछ है इस योजना में।

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन से मिलने वाले लाभ

  • तेल के आयात में कमी आएगी।

  • ग्रामीण एवं मध्यम वर्ग के परिवार उच्च गुणवत्ता युक्त बेहतर खाद्य तेल प्राप्त कर सकेंगे।

  • ताड़ का तेल निकालने वाले राज्यों में रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी।

  • छोटे किसानों को अधिक लाभ होगा।

  • किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध होंगे।

  • तेल के उत्पादन के लिए किसानों को बेहतर प्रौद्योगिकी सहायता दी जाएगी।

गौरतलब है कि पीएम किसान सम्मान निध‍ि योजना की 9वीं किस्त के तहत करीब 9.75 करोड़ किसानों के खाते में 19,500 करोड़ रुपए का ट्रांसफर किया है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये वित्तीय लाभ दिया जाता है।

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Pramod

Dehaat Expert

17 लाइक्स

9 August 2021

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