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सुपर सीडर मशीन : पराली प्रबंधन का बेहतरीन उपाय

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धान की कटाई के बाद पराली प्रबंधन एक बड़ी समस्या होती है। गेहूं की बुवाई की जल्दी में कई क्षेत्रों में किसान पराली से छुटकारा पाने के लिए इसे जला दिया करते हैं। पराली जलाने का सीधा असर प्रदुषण पर होता है। इससे वायु में प्रदुषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। इसके साथ खेत की मिट्टी को भी बहुत नुकसान होता है। ऐसे में पराली की समस्या से निजात पाने के लिए सुपर सीडर मशीन एक बेहतर विकल्प है। आइए सुपर सीडर मशीन पर विस्तार से जानकरी प्राप्त करें।

क्या है सुपर सीडर मशीन?

  • यह एक आधुनिक कृषि यंत्र है। यह पराली की समस्या से निजात पाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

  • इस यंत्र के द्वारा 10 से 12 इंच तक की ऊंची धान की पराली को केवल बार जुताई कर के गेहूं की बुवाई की जा सकती है।

कैसे काम करता है सुपर सीडर मशीन?

  • इस मशीन में रोटावेटर, रोलर एवं फर्टिसीडड्रील लगा होता है।

  • इस यंत्र के आगे लगा रोटावेटर खेत में मौजूद पराली को काट कर मिट्टी में मिलता है।

  • रोलर मिट्टी को समतल करने में सहायक है।

  • मशीन के पीछे लगे सीडड्रील से हम अगली फसल की बुवाई भी कर सकते हैं।

सुपर सीडर मशीन के फायदे

  • यह खेत में पहले से मौजूद परली यानी फसल के अवशेषों को मिट्टी में मिलता है। जिससे मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ती है।

  • मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ बढ़ने से बेहतर फसल प्राप्त होती है।

  • खेत में कार्बन युक्त उर्वरक के इस्तेमाल में कमी आती है।

  • खेत की बार-बार जुताई नहीं करनी पड़ती है।

  • केवल एक बार जुताई में ही बीज की बुवाई की जा सकती है।

  • बीज की बुवाई करीब 2 से 3 इंच की गहराई में की जा सकती है।

  • धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई में अधिक समय नहीं लगता है।

  • खेत की तैयारी एवं बुवाई में होने वाले खर्च में 50 प्रतिशत तक कमी आती है।

  • समय के साथ श्रम की बचत होती है।

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Somnath Gharami

Dehaat Expert

12 लाइक्स

8 October 2021

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