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उड़द, मूंग एवं लोबिया की कटाई

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दलहनी फसलों में किसान मुख्य रूप से उड़द, मूंग एवं लोबिया की खेती करते हैं। इन फसलों की कटाई सितंबर से अक्टूबर महीने में की जाती है। उड़द, मूंग एवं लोबिया की कटाई से जुड़ी जानकारियों के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें।

  • उड़द की कटाई : बुवाई के बाद उड़द की फसल को पक कर तैयार होने में करीब 85 से 90 दिनों का समय लगता है। जब लगभग 70 से 80 प्रतिशत फलियां पक जाएं तब इसकी कटाई कर लेनी चाहिए। फसल की कटाई के लिए हंसिया का प्रयोग करना चाहिए।

  • मूंग की कटाई : मूंग की विभिन्न किस्मों को पकने में 65 से 90 दिनों का समय लगता है। फलियों के पकने पर इनका रंग हल्का भूरा हो जाता है। यह समय कटाई के लिए उपयुक्त है। मूंग की कटाई करते समय इस बात का ध्यान रखें कि मूंग की सभी फलियां एक साथ नहीं पकती हैं। अगर हम सभी फलियों के पकने का इंतजार करेंगे तो पहले पकने वाली फलियां चटकने लगती हैं। वहीं अपरिपक्व फलियों की कटाई करने से दानों की उपज एवं गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे हमें नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इस नुकसान से बचने के लिए फसल की कटाई से पहले फलियों की 2-3 बार तुड़ाई कर लें।

  • लोबिया की कटाई : लोबिया की खेती चारे एवं दानों दोनों के लिए की जाती है। यदि आप दानों के लिए खेती कर रहे हैं तो बुवाई के करीब 90 से 125 दिनों बाद इसकी कटाई कर लें। जब फलियां पूरी तरह पक जाएं उसके बाद ही कटाई करनी चाहिए। वहीं अगर इसकी खेती चारे के लिए की गई है तो फसलों की कटाई बुवाई के 50 से 60 दिनों बाद कर लें।

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Pramod

Dehaat Expert

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24 September 2020

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