पोस्ट विवरण
सुने
खरपतवार
आलू
खरपतवार जुगाड़
10 Dec
Follow

आलू की फसल में खरपतवारों से पाएं छुटकारा

आलू की फसल में खरपतवारों से पाएं छुटकारा

उच्च गुणवत्ता की फसल एवं अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए खरपतवार प्रबंधन एक महत्वपूर्ण चरण है। खरपतवार आलू की उपज में कमी होने का एक बड़ा कारण भी है। खरपतवारों की समस्या होने पर कंदों का विकास भी पूर्ण रूप से नहीं हो पाता है। इन पर नियंत्रण करने के लिए निम्न उपाय एवं दवाओं का प्रयोग करना फायदेमंद साबित होगा।

आलू की फसल में खरपतवारों से होने वाले नुकसान

  • खरपतवारों की अधिकता से फसल को उचित मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाता है।
  • फसल की गुणवत्ता में कमी आती है।
  • फसल के विकास में बाधा आती है।
  • खरपतवार विभिन्न रोगों के होने का कारण बनते हैं।
  • कई तरह के कीट भी पहले खरपतवारों पर पनपते हैं, फिर मुख्य फसल को क्षति पहुंचाते हैं।
  • खरपतवारों की समस्या के कारण कई बार आलू के कंदों का आकार छोटा रह जाता है।

आलू की फसल में खरपतवार प्रबंधन के तरीके

  • खरपतवारों को पनपने से रोकने के लिए पौधों के बीच उचित दूरी का ध्यान रखें। आवश्यकता से अधिक दूरी होने पर खरपतवारों को उगने के लिए अधिक जगह मिलता है।
  • खरपतवारों पर नियंत्रण के लिए कुछ समय के अंतराल पर निराई-गुड़ाई करते रहें।
  • खरपतवारों को पनपने से रोकने के लिए बुवाई के 3 दिनों के अंदर प्रति एकड़ खेत में 400 ग्राम पेंडीमेथालिन का छिड़काव करें।
  • प्रति एकड़ खेत में 300 मिलीलीटर मेट्रिब्यूजिन 70% डब्लू.पी. का प्रयोग करें। यह दवा बाजार में धानुका- बैरियर, बायर- सेंकोर, टाटा- मेट्री के नाम से उपलब्ध है।

आलू की फसल में खरपतवारों पर नियंत्रण के लिए आप किन दवाओं का प्रयोग करते हैं? अपने जवाब एवं अनुभव हमें कमेंट के माध्यम से बताएं। इसके साथ ही कृषि संबंधी किसी भी समस्या के समाधान के लिए हमारे टोल फ्री नंबर 1800-1036-110 पर संपर्क करें। यह जानकारी महत्वपूर्ण लगी हो तो इस पोस्ट को लाइक एवं शेयर करना न भूलें। इस तरह की अधिक जानकारियों के लिए 'खरतपवार जुगाड़' चैनल को अभी फॉलो करें।

65 Likes
1 Comment
Like
Comment
Share
फसल चिकित्सक से मुफ़्त सलाह पाएँ

फसल चिकित्सक से मुफ़्त सलाह पाएँ