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23 June
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बिहार हरी खाद योजना (Bihar Green Manure Scheme)


बिहार सरकार द्वारा हरी खाद योजना को पुनः शुरू किया गया है। इस योजना के तहत, सरकार किसानों को हरी खाद जैसे मूंग और ढैंचा की खेती करने के लिए अनुदान राशि प्रदान करेगी। बिहार सरकार इस योजना के माध्यम से मूंग बीज पर 80% और ढैंचा के बीज पर 90% अनुदान राशि प्रदान करेगी। सरकार का लक्ष्य है कि किसान 28 हजार हेक्टेयर में ढैंचा की खेती करें। यदि आप भी एक किसान हैं और इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल को अंत तक अवश्य पढ़ें। हम आपको इस योजना से जुड़ी संपूर्ण जानकारी देंगे।

बिहार हरी खाद योजना का उद्देश्य (Objective of Bihar Green Manure Scheme)

  • राज्य में जैविक खेती को प्रोत्साहित करना।
  • मूंग और ढैंचा की खेती द्वारा जीवाश्म और कार्बनिक पदार्थों की उपस्थिति बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाना।
  • किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने और कम कीमतों पर बीज प्राप्त करने का अवसर प्रदान करना।
  • योजना के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना।
  • किसानों के समग्र जीवन स्तर को बेहतर बनाना।
  • बिहार में स्थायी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना।
  • किसानों की आजीविका में सुधार लाना।

बिहार खाद योजना हेतु पात्रता (Eligibility for Bihar Green Manure Scheme) :

  • इस योजना में आवेदन करने के लिए आपको बिहार का मूल नागरिक होना अनिवार्य है।
  • आपकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  • यह योजना केवल उन किसानों के लिए है जो मूंग और ढैंचा की खेती करते हैं।
  • आपके बैंक खाते का आधार कार्ड से लिंक होना आवश्यक है।

बिहार खाद योजना दस्तावेज (Bihar Green Manure Scheme Document) : यदि आप बिहार सरकार की इस योजना में आवेदन करना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे:

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड से लिंक बैंक खाता
  • दो पासपोर्ट साइज फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल आईडी

बिहार खाद योजना की आवेदन प्रक्रिया (Application Process) :

  • सबसे पहले आपको बिहार हरी खाद योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://brbn.bihar.gov.in/Home/Demand पर जाना होगा।
  • वेबसाइट के होमपेज पर पहुंचने के बाद, "किसान पंजीकरण संख्या" का ऑप्शन ढूंढें।
  • किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें और फिर सर्च के बटन पर क्लिक करें।
  • सर्च बटन पर क्लिक करने के बाद, एक नया होमपेज खुल जाएगा जिसमें "आवेदन करे" का ऑप्शन दिखाई देगा।
  • "आवेदन करे" के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • क्लिक करने के बाद एक आवेदन फार्म खुलेगा। इस फार्म को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उसमें मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें।
  • सभी आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें।
  • एक बार फिर से अपने आवेदन फार्म की जांच करें कि सभी जानकारी सही भरी गई है या नहीं।
  • जांच करने के बाद सबमिट के बटन पर क्लिक करें।
  • फार्म सबमिट करने के बाद आपको एक रसीद प्राप्त होगी। इस रसीद का प्रिंटआउट निकाल लें और सुरक्षित रखें।

क्या आप बिहार हरी खाद योजना का लाभ उठाना चाहते हैं? अगर आप खेती से संबंधित अन्य कोई जानकारी चाहते हैं तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं। और अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे लाइक करें और अन्य किसान मित्रों के साथ शेयर करें। किसानों के लिए चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए 'किसान योजना' चैनल को फॉलो करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | Frequently Asked Questions (FAQs)

Q: हरी खाद के लिए कौन सी फसल बोई जाती है?

A: हरी खाद वाली फसलों को मिट्टी की उर्वरता और संरचना में सुधार के लिए बोया जाता है। भारत में उगाई जाने वाली कुछ सामान्य हरी खाद फसलों में लोबिया, सोयाबीन और अरहर जैसी फलियां शामिल हैं, साथ ही गैर-फलियां जैसे कि सनहेम्प, ढैंचा और सरसों।

Q: हरी खाद से क्या लाभ है?

A: हरी खाद की फसलें मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ, नाइट्रोजन और अन्य पोषक तत्वों को जोड़कर मिट्टी की उर्वरता, संरचना और स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करती हैं। वे खरपतवारों को दबाने, कटाव को कम करने और जल-धारण क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करते हैं। इसके अतिरिक्त, हरी खाद की फसलें पशुओं के लिए चारा का स्रोत प्रदान कर सकती हैं।

Q: हरी खाद कैसे तैयार किया जाता है?

A: हरी खाद विशिष्ट फसलों को बोकर तैयार की जाती है जो मिट्टी में वापस जुताई के उद्देश्य से उगाई जाती हैं, जबकि वे अभी भी हरे और सक्रिय रूप से बढ़ रहे हैं। फसलों को आमतौर पर पतझड़ या शुरुआती सर्दियों में बोया जाता है और फूल आने से ठीक पहले तक बढ़ने दिया जाता है। इस बिंदु पर, उन्हें काट दिया जाता है और मिट्टी में शामिल कर लिया जाता है, जहां वे पोषक तत्वों को विघटित और छोड़ते हैं। भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली हरी खाद फसलों में लोबिया, अरहर और सोयाबीन जैसी फलियां शामिल हैं, साथ ही गैर-फलियां जैसे ज्वार, मोती बाजरा और सूरजमुखी भी शामिल हैं।

Q: बिहार हरी खाद योजना में कौन-कौन आवेदन कर सकता है?

A: छोटे और सीमांत दोनों तरह के किसान, जिनके पास बिहार में कृषि भूमि है या पट्टे पर है, बिहार ग्रीन उर्वरक योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह योजना उन सभी किसानों के लिए खुली है जो मिट्टी की उर्वरता और उत्पादकता में सुधार के लिए हरी खाद प्रथाओं को अपनाने में रुचि रखते हैं। किसान सरकारी कार्यालयों या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

Q: बिहार हरी खाद योजना क्या है?

A: बिहार हरी खाद योजना भारत में एक सरकारी पहल है जो मिट्टी की उर्वरता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषि में हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देती है। यह हरी खाद प्रथाओं को अपनाने वाले किसानों को मुफ्त बीज, तकनीकी सहायता और वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है।




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