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24 May
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देहात धान फसल बिमा योजना | DeHaat Dhaan Fasal Bima Yojana

धान भारत की सबसे महत्वपूर्ण अनाज वाली फसल है। देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में धान का योगदान 43 प्रतिशत और कुल अनाज उत्पादन में 46 प्रतिशत है। चावल दुनिया की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी का मुख्य भोजन है। चावल भारत की सबसे महत्वपूर्ण अनाज खाद्य फसल है। विश्व में धान उगाने वाले देशों में, भारत धान की खेती के क्षेत्रफल में सबसे आगे है और उत्पादन में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। वर्ष 2022 में धान की खेती की बात करें तो भारत में 196,245,700 टन चावल का उत्पादन हुआ था।

आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष प्रतिकूल मौसम जैसे बाढ़, सूखा, अत्यधिक तापनाम, आदि के कारण बड़ी संख्या में धान की फसल नष्ट हो जाती है। जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा फसल बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा निजी कंपनियों के द्वारा भी मौसम के अनुसार विभिन्न फसलों पर बीम सुरक्षा की सुविधा दी जा रही है। इससे किसान खराब होने वाली फसल के लिए मुआवजा राशि प्राप्त कर सकते हैं।

देहात धान फसल बीमा सुविधा | DeHaat Dhaan Fasal Bima Suvidha

इन दिनों कई निजी कंपनियों के द्वारा किसानों को उनकी फसलों के लिए बीमा की सुविधा दी जा रही है। लेकिन बीमा कराने के लिए कई दस्तावेजों को जमा करने के साथ नियम एवं शर्तें का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा बीमा क्लेम करने पर भी किसानों को कई बार कार्यालय एवं बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसमें समय भी अधिक लगता है और कई बार क्लेम का भुगतान प्राप्त भी नहीं हो पाता है। किसानों को इस तरह की समस्याओं से बचाने के लिए देहात ले कर आया है 'देहात धान फसल बीमा सुविधा'। इस खरीफ मौसम, अगर आप भी कर रहे हैं धान की खेती तो मौसम की मार से खराब हुई फसलों के नुकसान से राहत पाने के लिए देहात से आप निःशुल्क फसल बीमा एवं सशुल्क फसल बीमा करा सकते हैं। इसके लिए आपको बार-बार कार्यालय या देहात केंद्र का चक्कर लगाने की भी जरूरत नहीं है। आप डिजिटल माध्यम से आसानी से धान की फसल के लिए बीमा करा सकते हैं। बीमा क्लेम राशि के लिए भी आपको लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ता है।

देहात धान फसल बीमा के प्रकार | Types of DeHaat Dhaan Fasal Bima

  • निःशुल्क फसल बीमा: देहात के द्वारा धान की सभी किस्मों की खरीददारी पर किसानों को निःशुल्क फसल बीमा की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके अंतर्गत बीज अंकुरित नहीं होने पर आपने जितने मूल्य का धान का बीज खरीदा है उतने मूल्य की बीमा राशि प्रदान की जाती है। इसके अलावा अत्यधिक वर्षा या औसत से कम वर्षा से भी सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
  • सशुल्क सम्पूर्ण बीमा: सशुल्क सम्पूर्ण बीमा यानी पेड बीमा के लिए प्रीमियम के तौर पर आपको एक निर्धारित शुल्क जमा करना होता है। इसके तहत अधिक वर्षा, औसत से कम वर्षा, कम तापमान एवं अधिक आर्द्रता से सुरक्षण दी जाती है। किसी भी अवस्था में खराब होने वाली फसल के लिए आप क्लेम कर सकते हैं। क्लेम की राशि सीधा आपके बैंक खाते में भेज दी जाती है।

देहात धान फसल बीमा सुविधा के फायदे | Benefits of Dhaan Fasal Bima Suvidha

  • देहात बीमा सुरक्षा के लिए आवश्यक दस्तावेजों को जमा करने के लिए भाग-दौड़ नहीं करना होता।
  • न्यूनतम कागज़ी कार्यवाई में बीमा कवर प्राप्त कर सकते हैं।
  • सैटेलाइट के द्वारा मौसम की सटीक जानकारी दी जाती है।
  • सैटेलाइट के द्वारा फसल क्षति की गणना की जाती है।
  • बीमा क्लेम का भुगतान सीधा आपके बैंक खाते में दिए जाते हैं।
  • बीमा क्लेम का भुगतान प्राप्त करने के लिए बहुत अधिक समय तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होती है। बहुत कम समय में आप क्लेम का भुगताम प्राप्त कर सकते हैं।

नोट:

  • आप अपने नजदीकी देहात केंद्र जा कर 'देहात धान फसल बीमा' करा सकते हैं।
  • देहात फसल बीमा की अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-1036-110 पर संपर्क करें।

क्या आपने कभी अपनी फसलों का बीमा कराया है? अपने जवाब एवं अनुभव हमें कमेंट के माध्यम से बताएं। यदि आपके मन में 'देहात धान फसल बीमा सुविधा' से जुड़ा कोई सवाल है तो आप बेझिझक अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। देहात के उत्पादों एवं अन्य सुविधाओं की अधिक जानकारी के लिए 'देहात' चैनल को तुरंत फॉलो करें। इसके साथ ही इस जानकारी को अन्य किसानों तक पहुंचाने के लिए इस पोस्ट को लाइक और शेयर करना न भूलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | Frequently Asked Questions (FAQs)

Q: फसल बीमा कैसे करवाये?

A: आप विभिन्न सरकारी और निजी बीमा योजनाओं के माध्यम से फसल बीमा की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। बीमा कराने से पहले सभी नियम एवं शर्तों को ध्यान से पढ़ें।

Q: फसल बीमा में कौन कौन सी फसल आती है?

A: भारत में सरकार के द्वारा धान, बाजरा, अन्य अनाज वाली फसलें, दलहन फसलें, तिलहन फसलें, सब्जियों एवं फलों वाली फसलों के साथ कपास और गन्ना जैसी फसलों के लिए भी बीमा सुरक्षा दी जाती है। बीमा में कवर होने वाली फसलें विभिन्न बीमा योजना और अलग-अलग राज्य के आधार पर भिन्न हो सकती हैं।

Q: फसल बीमा में कौन कौन से डॉक्यूमेंट लगते हैं?

A: फसल बीमा कराने के लिए आपके पास कुछ दस्तावज होना आवश्यक है। जिनमें आधार कार्ड, बैंक खाता पासबूक, खसरा नंबर, बुवाई प्रमाण पत्र, गांव की पटवारी, भूमि से संबधित दस्तावेज़, आदि शामिल हैं।

Q: फसल बीमा का कितना पैसा मिलता है?

A: भारत में फसल बीमा से आप कितना भुगतान प्राप्त कर सकते हैं, यह विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है। जिसमें फसल का प्रकार, खेती के तहत क्षेत्र, कवरेज का स्तर और फसल क्षति, आदि कारक शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लिए भी अलग-अलग फसलों के लिए अलग-अलग न्यूनतम एवं अधिकतम भुगतान राशि तय की गई है। निजी कंपनियों के द्वारा तय की गई बीमा भुगतान राशि भी कंपनी के नियमों के अनुसार भिन्न हो सकती है। इसलिए, बीमा लेने से पहले सभी नियमों को ध्यान से पढ़ें।

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