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27 Mar
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मिर्ची की फसल में थ्रिप्स की पहचान, लक्षण एवं नियंत्रण के लिए घरेलू नुस्खे | Identification, Symptoms, and Home Remedies for Thrips in Chilli Crop

मिर्ची की फसल में थ्रिप्स की पहचान, लक्षण एवं नियंत्रण के लिए घरेलू नुस्खे | Identification, Symptoms, and Home Remedies for Thrips in Chilli Crop

इन दोनों कई क्षेत्रों के किसान मिर्ची की फसल में थ्रिप्स के बढ़ते प्रकोप की शिकायत कर रहे हैं। थ्रिप्स के कारण मिर्च के आलावा टमाटर, बैंगन, प्याज, सेम, खीरा, भिंडी, मटर, शिमला मिर्च, कपास, गन्ना, काबुली चना, मूंगफली, अंगूर, पपीता, आम, आदि कई फसलें बुरी तरह प्रभावित होती हैं। इनके प्रकोप से फसल की उपज में 30 से 50 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। सूखे और गर्म मौसम में इस कीट की जनसंख्या तेजी से बढ़ती है। बाजार में उपलब्ध रासायनिक दवाओं के प्रयोग से इस कीट पर नियंत्रण किया जा सकता है। लेकिन दवाओं में मौजूद हानिकारक रसायनों के लगातार इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी कम होती और ये हमारे स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। इन समस्याओं से बचने के लिए कुछ घरेलू उपायों को अपना सकते हैं।

थ्रिप्स कीट की कैसे करें पहचान? | How to Identify Thrips?

  • थ्रिप्स कीट आकार में बहुत छोटे होते हैं। व्यस्क कीट की लम्बाई 1-2 मिलीमीटर होती है।
  • ज्यादातर ये कीट दो जोड़े पंखों के साथ काले रंग के होते हैं।
  • कुछ व्यस्क कीट पीले रंग के भी होते हैं।
  • अविकसित कीट यानी लार्वा बिना पंखों वाले और पीले रंग के होते हैं।
  • मादा कीट अक्सर कलियों के आस-पास या पत्तियों की निचली सतह पर अंडे देती हैं।

मिर्च की फसल में थ्रिप्स कीट से होने वाले नुकसान | Damage Caused by Thrips Infestation in Chili

  • यह कीट पत्तियों एवं फूलों का रस चूस कर फसल को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे पत्तियां ऊपर की ओर मुड़ने लगती हैं।
  • पौधों में कम संख्या में फल आते हैं।
  • ये कीट वायरस जनित रोगों को भी एक पौधे से दूसरे पौधों में पहुंचाने का काम करते हैं।
  • पौधों के विकास में बाधा आती है।

मिर्च की फसल में थ्रिप्स कीट पर नियंत्रण के लिए घरेलू उपाय | Home Remedies for Controlling Thrips Infestation in Chili Crop

  • स्टिकी ट्रैप का प्रयोग: सफेद मक्खी, माहू, जैसे उड़ने वाले रस चूसक कीटों पर नियंत्रण के लिए खेत में स्टिकी ट्रैप लगान लाभदायक साबित होता है। प्रति एकड़ खेत में 4-6 स्टिकी ट्रैप का प्रयोग करें। कुछ दिनों के अंतराल पर खेत में लगे हुए स्टिकी ट्रैप का निरीक्षण करते रहें और आवश्यकता होने पर इन्हें बदल दें।
  • फेरोमेन ट्रैप का प्रयोग: कीटों पर नियंत्रण के लिए फेरोमेन ट्रैप यानी गंधपाश का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें नर कीटों को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग तरह के ल्योर का इस्तेमाल किया जाता है। नर कीट इसमें लगे ल्योर की तरफ आकर्षित हो कर फंस जाते हैं। जिससे कीटों की संख्या में वृद्धि पर रोक लगाया जा सकता है।
  • लहसुन के रस का छिड़काव: इसके लिए सबसे पहले लहसुन की कुछ कलियों को कूट कर 1 लीटर पानी में मिलाएं और इसे रात भर रहने दें। अगले दिन इस मिश्रण को छान कर प्रभावित पौधों पर छिड़काव करें। 15 दिनों के अंतराल पर 2 से 3 बार इसका छिड़काव कर सकते हैं।
  • साबुन के घोल का छिड़काव: सही तरह से इस्तेमाल करने पर साबुन एक प्रभावी कीटनाशक साबित हो सकता है। थ्रिप्स एवं अनु रस चूसक कीटों पर नियंत्रण के लिए एक लीटर पानी में एक बड़ा चम्मच लिक्विड साबुन मिलाएं। इस मिश्रण का छिड़काव प्रभावित पौधों पर करें। आवश्यकता होने पर 15 दिनों के अंतराल पर आप दोबारा साबुन के घोल का छिड़काव कर सकते हैं।
  • ब्रह्मास्त्र का प्रयोग: ब्रह्मास्त्र प्राकृतिक तत्वों से घर में आसानी से तैयार किया जाने वाला एक तरह का जैविक कीटनाशक है। इसे नीम, सफेद धतूरा, सीताफल, करंज, अमरूद, आरंडी, पपीता में से किसी भी 5 पौधों की पत्तियों में गोमूत्र मिला कर तैयार किया जाता है। थ्रिप्स एवं अन्य रस चूसक कीटों पर नियंत्रण के लिए 100 लीटर पानी में 2-3 लीटर 'ब्रह्मास्त्र' मिलाकर मिर्च के पौधों पर छिड़काव करें।
  • नीम के तेल का प्रयोग: नीम का तेल एक प्राकृतिक कीटनाशक है। मिर्च की फसल में थ्रिप्स पर नियंत्रण के लिए एक लीटर पानी में एक बड़ा चम्मच नीम का तेल मिलाकर छिड़काव करें। आवश्यकता होने पर 12-15 दिनों बाद फिर से छिड़काव कर सकते हैं।
  • कवर क्रॉप्स लगाएं: मिर्च के पौधों के चारो तरफ कवर क्रॉप्स के तौर पर गेंदे के पौधों को लगाएं। थ्रिप्स को पीछे हटाने के लिए यह एक कारगर उपाय है।

थ्रिप्स कीट पर नियंत्रण के कुछ अन्य तरीके | Other Methods of Controlling Thrips

  • प्रतिरोधी किस्मों का चयन करें।
  • खरपतवारों पर नियंत्रण रखें।
  • थ्रिप्स कीट को पैदा होने या बढ़ने से रोकने के लिए खेत में प्लास्टिक पलवार या जैविक पलवार का प्रयोग करें।
  • इस कीट से बुरी तरह प्रभावित पौधों को नष्ट करें।
  • पौधों में नाइट्रोजन युक्त उर्वरकों का आवश्यकता से अधिक इस्तेमाल न करें।

थ्रिप्स कीट पर नियंत्रण के लिए आप जैविक या रासायनिक किस विधि का प्रयोग करते हैं? अपने जवाब एवं अनुभव हमें कमेंट के माध्यम से बताएं। इस तरह की अधिक जानकारियों के लिए 'देसी जुगाड़' चैनल को तुरंत फॉलो करें। यह जानकारी महत्वपूर्ण लगी हो तो इस पोस्ट को लाइक और शेयर करना न भूलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | Frequently Asked Question (FAQs)

Q: थ्रिप्स कैसा दिखता है?

A: थ्रिप्स आकार में बहुत छोटे और पीले से काले रंग के होते हैं। कुछ प्रजाति पंख रहित होते हैं। वहीं थ्रिप्स की कुछ प्रजातियों में दो जोड़े पंख पाए जाते हैं।

Q: घर पर जैविक कीटनाशक कैसे तैयार करें?

A: प्रकृति सामग्रियों के द्वारा घर पर आसानी से कई तरह के जैविक कीटनाशक तैयार किए जा सकते हैं। जिनमें नीम का तेल, लहसुन से तैयार स्प्रे और मिर्च से तैयार किया गया स्प्रे आदि शामिल हैं। चींटियों, एफिड्स और कैटरपिलर जैसे कीटों को दूर भगाने के लिए 2 बड़े चम्मच मिर्च पाउडर को 1 लीटर पानी और लिक्विड डिश वॉशर की कुछ बूंदों के साथ मिला कर छिड़काव कर सकते हैं। इसके अलावा साबुन और पानी के घोल का इस्तेमाल कर के भी घुन, एफिड और सफेद मक्खियों पर नियंत्रण किया जा सकता है।

Q: थ्रिप्स कितने समय तक जीवित रहते हैं?

A: व्यस्क थ्रिप्स कीट कुछ सप्ताह से लेकर करीब 30-45 दिनों तक जीवित रह सकते हैं। लेकिन कीट की प्रजाति और पर्यावरण की परिस्थियों के आधार पर ये भिन्न हो सकता है। अपने जीवन काल के दौरान मादा कीट सैकड़ों अंडे देती है।

Q: क्या डिश सोप से थ्रिप्स से छुटकारा मिलेगा?

A: लिक्विड सोप (तरल साबुन) के सही इस्तेमाल से छोटे एवं नरम शरीर वाले कुछ कीटों पर नियंत्रण किया जा सकता है। जिनमें थ्रिप्स, सफेद मक्खी, एफिड्स, जैसे कीट शामिल हैं।

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