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9 Apr
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पशुओं में विभिन्न पोषक तत्वों का महत्व | Importance of Various Nutrients in Animals

मनुष्यों की तरह पशुओं के लिए भी खनिज तत्व बहुत आवश्यक है। पशुओं के शारीरिक विकास के लिए कैल्शियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, आदि पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। कभी-कभी पोषक तत्वों की कमी होने पर लक्षण जल्दी नजर नहीं आते हैं या, कई बार लक्षणों की सही जानकारी नहीं होने के कारण भी पशुपालक सही समय पर इनकी पूर्ति नहीं कर पाते हैं। जिससे पशुओं का स्वास्थ्य लगातार खराब होने लगता है। इस पोस्ट के माध्यम से हम पशुओं में कुछ महत्वपूर्ण खनिजों की कमी से होने वाले नुकसान पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे।

पशुओं में विभिन्न पोषक तत्वों की कमी से होने वाले नुकसान एवं पोषक तत्वों की कमी दूर करने के तरीके

पशुओं में कैल्शियम की कमी से होने वाले नुकसान

  • दूध उत्पादन क्षमता कम होने लगती है।
  • पशुओं की दांतें एवं हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। जिससे पशुओं को खड़े होने या चलने में कठिनाई हो सकती है।
  • फ्रैक्चर और हड्डी की विकृति का खतरा बढ़ जाता है।
  • नवजात पशुओं के शारीरिक विकास में बाधा आती है।
  • पशुओं में दूध ज्वर रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • प्रसव के दौरान जेर रुकने का खतरा अधिक होती है।
  • कई बार कैल्शियम की कमी होने पर पशु मिट्टी, रस्सी, कपड़ा, आदि चबाने लगते हैं।

पशुओं में कैल्शियम की कमी कैसे दूर करें?

  • व्यस्क पशुओं में कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए उनके आहार में प्रति दिन 100 मिलीलीटर देहात वेटनोकल गोल्ड शामिल करें।
  • नवजात पशुओं  को प्रति दिन 2 बार 20 मिलीलीटर वेटनोकल गोल्ड पिलाएं।

पशुओं में फॉस्फोरस की कमी से होने वाले नुकसान

  • पशुओं के शरीर में फॉस्फोरस की कमी से होने से उनकी दांतें एवं हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।
  • पशुओं के जोड़ों में सूजन की समस्या हो सकती है।
  • कई बार उनके मूत्र के साथ रक्त भी निकलने लगता है।
  • ऊर्जा की कमी से पशु सुस्त नजर आते हैं।
  • चयापचय क्रियाओं में कठिनाई होती है।
  • कई बार पशु लंगड़ा कर चलने लगते हैं।
  • पशुओं की यौवन परिपक्वता देर से होती है।
  • मद चक्र में अनियमितता की समस्या हो सकती है।
  • पशुओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है।
  • यह पाचन तंत्र के साथ गुर्दे को स्वस्थ रखने में भी सहायक है।

पशुओं में फॉस्फोरस की कमी कैसे दूर करें?

  • पशुओं में फॉस्फोरस की कमी दूर करने के लिए उनके आहार में जौ, जई, सरसों, राई, मूंगफली, आदि के पौधों को हरे चारे के तौर पर शामिल करें।
  • इसके साथ ही पशुओं के आहार में चोकर जरूर मिलाएं।
  • 'देहात वेटनोकल गोल्ड' के सेवन से पशुओं में कैल्शियम के साथ फॉस्फोरस की कमी भी पूरी होती है।

पशुओं में पोटैशियम की कमी से होने वाले नुकसान

  • पोटैशियम की कमी के कारण पशुओं का शारीरिक विकास धीमी गति से होता है।
  • दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन की क्षमता में कमी आती है।
  • पशुओं का वजन कम कम होने लगता है और पशु सुस्त एवं कमजोर हो जाते हैं।
  • उनकी मांशपेशियों में कमजोरी आती है।
  • पशुओं के शरीर में अकड़न की शिकायत होती है।
  • पोटैशियम की कमी होने पर पशु आहार एवं पानी का सेवन कम कर देते हैं।
  • आहार में मौजूद अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण में कठिनाई होती है।
  • पोटेशियम की कमी से एसिडोसिस जैसे चयापचय संबंधी विकार भी हो सकते हैं।

पशुओं में पोटैशियम की कमी कैसे दूर करें?

  • पशुओं के लिए संतुलित आहार की व्यवस्था करें।
  • 'देहात वेटनोकल गोल्ड' में भी पोटैशियम की मात्रा होती है। इसका सेवन पशुओं के लिए बेहद लाभदायक है।
  • गाय एवं भैंस के आहार में प्रितिदन 50 ग्राम 'देहात दूध प्लस' शामिल करें।
  • नवजात पशुओं, भेड़ एवं बकरियों के आहार में प्रितिदन 20 ग्राम दूध प्लस शामिल करें।

कॉपर की कमी से होने वाले नुकसान

  • हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।
  • पशुओं का वजन कम होने लगता है।
  • पशुओं का शारीरिक विकास धीमी गति से होता है।
  • पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
  • पशुओं में थनैल रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • जेर अटकने की आशंका होती है।
  • पशुओं के शरीर में एंजाइम्स एवं आयरन (लोहा) के अवशेषण के लिए कॉपर आवश्यक है। इसलिए कॉपर की कमी होने पर पशुओं में एनीमिया के लक्षण भी नजर आ सकते हैं।
  • पशुओं के शरीर पर मौजूद बालों का रंग बदलने लगता है। बालों के रंग काले से बदल कर भूरे या लाल होने लगते हैं।
  • मादा पशुओं के गर्भाशय ऊतकों में कमजोरी के साथ उसकी क्रियाशीलता कम होने लगती है।
  • कॉपर की कमी बढ़ने पर गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में भ्रूण की मृत्यु या गर्भपात की भी समस्या हो सकती है।

पशुओं में कॉपर की कमी कैसे दूर करें?

  • पशुओं के शरीर में कॉपर की कमी दूर करने के लिए उनके आहार में संतुलित मात्रा में हारे चारे एवं सूखे चारे को शामिल करें।
  • दूध उत्पादन की मात्रा बढ़ाने के लिए पशुओं के आहार में 'देहात दूध प्लस' शामिल करें।
  • इन दिनों बाजार में कई तरह के फीड सप्लीमेंट उपलब्ध हैं। पशुओं के आहार में इसे जरूर शामिल करें।

क्या आप पशुओं को संतुलित आहार के साथ फीड सप्लीमेंट खिलाते हैं? अपने जवाब हमें कमेंट के माध्यम से बताएं। पशुओं के स्वास्थ्य एवं उनके आहार से सम्बंधित अधिक जानकारियों के लिए 'पशु ज्ञान' चैनल को तुरंत फॉलो करें। इसके साथ ही इस जानकारी को अन्य किसानों तक पहुंचाने के लिए इस पोस्ट को लाइक और शेयर करना न भूलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | Frequently Asked Question (FAQs)

Q: पशु आहार में मुख्य रूप से कितने तत्व पाए जाते हैं?

A: पशु आहार में सामान्यतौर पर कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, फाइबर, खनिज और विटामिन पाए जाते हैं। पशुओं के शारीरिक विकास एवं दूध उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के लिए इन सूक्ष्म पोषक तत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

Q: पशुओं में खनिज तत्वों की आवश्यकता क्यों होती है?

A: पशुओं के शारीरिक विकास, दांत एवं हड्डियों की संरचना एवं मजबूती के लिए, प्रजनन क्षमत में सुधार, दूध उत्पादन में बढ़ोतरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने के लिए पशुओं में खनिज तत्वों की आवश्यकता होती है।

Q: ज्यादा दूध देने के लिए क्या खिलाना चाहिए?

A: अधिक मात्रा में दूध उत्पादन के लिए पशुओं को उच्च गुणवत्तापूर्ण चारा खिलाएं, खनिज और विटामिन की पूर्ति के लिए पशु पूरक आहार की व्यवस्था करें और पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराएं।

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