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25 Mar
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जामुन की खेती: जलवायु, मिट्टी, किस्में, रोग एवं कीट प्रबंधन | Efficient Cultivation of Jamun: Climate, Soil, Varieties, Disease, and Pest Management

जामुन की खेती: जलवायु, मिट्टी, किस्में, रोग एवं कीट प्रबंधन | Efficient Cultivation of Jamun: Climate, Soil, Varieties, Disease, and Pest Management

औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण जामुन के कई तरह की दवाएं तैयार की जाती हैं। पूर्ण रूप से विकसित जामुन के वृक्षों की ऊंचाई करीब 30 मीटर होती है। भारत में इसकी खेती महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, आसाम और राजस्थान में बड़े पैमाने पर की जाती है। भारत के अलावा अफगानिस्तान, म्यांमार, फिलीपींस, पाकिस्तान, इंडोनेशिया में भी जामुन की खेती की जाती है। इसकी खेती किसानों के लिए बहुत लाभदायक होती है। जामुन की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी, जलवायु, पौधे तैयार करने की विधि से ले कर फलों की तुड़ाई तक की सम्पूर्ण जानकारी के लिए इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें।

जामुन की खेती कैसे करें? | How to cultivate blackberries?

जामुन की बुवाई के लिए उपयुक्त समय | Suitable time for sowing blackberries

  • जामुन की खेती वसंत एवं वर्षा दोनों मौसम में की जा सकती है।
  • बीज की बुवाई के लिए फरवरी-मार्च का समय उपयुक्त है।
  • इसके अलावा आप जुलाई-अगस्त महीने में भी इसकी बुवाई कर सकते हैं।

उपयुक्त मिट्टी एवं जलवायु | Suitable soil and climate

  • जामुन की खेती के लिए समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय जलवायु उपयुक्त है।
  • कुछ ठंडे क्षेत्रों के अलावा इसकी खेती हर जगह की जा सकती है।
  • इसके विकसित वृक्षों पर गर्मी, ठंड और वर्षा का ज्यादा असर नहीं होता है।
  • बीज को अंकुरित होने के लिए करीब 20 डिग्री सेल्सियस तापमान उपयुक्त है।
  • इसकी खेती लगभग सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है।
  • इसके पौधे लवणीय मिट्टी, दलदली मिट्टी या उचित जल निकासी नहीं होने की स्थिति के प्रति भी सहनशील है।
  • लेकिन बेहतर उपज प्राप्त करने के लिए इसकी खेती अच्छी जल निकासी युक्त, उपजाऊ एवं गहरी दोमट मिट्टी का चयन करें।
  • भारी मिट्टी और रेतीली मिट्टी में इसकी खेती करने से बचें।
  • मिट्टी का पीएच स्तर 5 से 8 के बीच होना चाहिए।

उन्नत किस्में | Best varieties

  • जामुन की अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए इसकी बेहतर किस्मों का चयन करना आवश्यक है।
  • आप अपने क्षेत्रों के अनुसार राजा जामुन, काथा, सी.आई.एस.एच. जे - 37, री जामुन, नरेंद्र जामुन 6, राजेन्द्र जामुन 1, आदि किस्मों का चयन कर सकते हैं।

पौधे तैयार करने की विधि एवं रोपाई | Method of plant preparation and transplantation

  • पौधे तैयार करने के लिए अच्छी तरह तैयार की गई भूमि में 4-5 सेंटीमीटर की गहराई में बीज की गहराई में करें।
  • बुवाई के 10 से 15 दिनों के बाद बीज अंकुरित होने शुरू हो जाते हैं।
  • नए पौधे में जब 3-4 पत्तियां निकल आएं तब मुख्य खेत में इसकी रोपाई की जा सकती है।
  • पौधों को निकालने से पहले सिंचाई करें। इससे पौधों को निकालने के समय जड़ों को नुकसान नहीं होता और पौधे आसानी से निकलते हैं।

सिंचाई | Irrigation

  • बीज के अंकुरित होने और पौधों के विकास के दौरान कुछ दिनों के अंतराल पर 5-6 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है।
  • इसके बाद आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करते रहें।
  • पौधों में और फूल आने के समय पर्याप्त मात्रा में सिंचाई करें।
  • इसके अलावा मई-जून महीने में फलों के बेहतर विकास के लिए भी सिंचाई करना आवश्यक है।

खरपतवार नियंत्रण | Weed management

  • खरपतवारों की अधिकता फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
  • खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए निराई-गुड़ाई करें।

रोग एवं कीट प्रबंधन | Disease and pest management

  • जामुन की फसल में मकड़ी, थ्रिप्स, फल छेदक कीट, पत्ती झुलसा रोग, एंथ्राक्नोस रोग, जैसे कीटों और रोगों का प्रकोप अधिक होता है।
  • फसलों को रोग एवं कीटों से बचाने के लिए प्रकोप के लक्षण नजर आते ही उचित दवाओं का प्रयोग करें।

फलों की तुड़ाई | Picking of fruits

  • फलों का रंग जब गहरे जामुनी से काले रंग के हो जाएं तब इसकी तुड़ाई कर लेनी चाहिए।
  • जामुन के वृक्षों में लगे सभी फल एक साथ नहीं पकते हैं। इसलिए 2-3 दिनों के अंतराल पर फलों की तुड़ाई करते रहें।
  • फलों की तुड़ाई के समय इस बात का ध्यान रखें की फल क्षतिग्रस्त न हो।

जामुन की खेती के साथ आप अन्य किन फसलों की खेती करते हैं? अपने जवाब हमें कमेंट के माध्यम से बताएं। बागवानी फसलों की अधिक जानकारी के लिए 'बागवानी फसलें' चैनल को फॉलो करें। इसके साथ ही इस पोस्ट को लाइक और शेयर करना न भूलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | Frequently Asked Question (FAQs)

Q: जामुन का पेड़ कितने साल में फल देता है?

A: जामुन के पौधों में फल आने का समय पौधों की रोपाई के समय उसकी आयु, मिट्टी की गुणवत्ता, जलवायु, पौधों की देखभाल आदि के अनुसार भिन्न हो सकती है। सामान्यतः पौधों की रोपाई के करीब 3-4 वर्षों बाद फल आने शुरू हो जाते हैं।

Q: जामुन के लिए कौन सी मिट्टी अच्छी होती है?

A: जामुन के पौधों के लिए कार्बनिक पदार्थों से भरपूर सूखी मिट्टी का चयन करें। अच्छी जल धारण क्षमता वाली दोमट मिट्टी में भी इसकी खेती की जा सकती है। पौधों को लगाने के लिए जल जमाव वाले क्षेत्रों का चयन करने से बचें।

Q: जामुन के फल किस मौसम में पकते हैं?

A: जामुन के वृक्षों में मार्च महीने में फूल आने शुरू हो जाते हैं। फूलों के खिलने के करीब 3 से 5 महीने बाद फल पक कर तैयार हो जाते हैं। जून-जुलाई महीने में या वर्षा के मौसम की शुरुआत में फल पकने लगते हैं।

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