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23 Apr
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नेनुआ में बढ़ रहा फल मक्खी का प्रकोप, जानें नियंत्रण के तरीके | Methods to Control Fruit Fly Infestation in Sponge Gourd

फसलों में फल मक्खी का संक्रमण एक आम समस्या है। इस कीट का प्रकोप नेनुआ, तरबूज, खरबूजा, आम, अमरूद, नींबू वर्गीय फल, केला, पपीता, टमाटर, बैंगन, मिर्च की फसल में अधिक होता है। सही समय पर इस कीट की पहचान करके इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो ये कीट फसल की उपज में 30-40 प्रतिशत तक कमी का कारण बनते हैं। इसके साथ ही फलों के आकार में विकृति होने के कारण गुणवत्ता में भी कमी आती है। कई बाद फलों में अंदरूनी सड़न होने के कारण इनका उपयोग नहीं किया जा सकता है। इस पोस्ट के माध्यम से आप फल मक्खियों की पहचान, नेनुआ की फसल में इसका प्रभाव और इस कीट पर नियंत्रण की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

कैसे करें फल मक्खी की पहचान | How to identify Fruit Fly

  • आकार: एक परिपक्व फल मक्खी की लंबाई लगभग 3 से 4 मिमी होती है।
  • रंग: सामान्यतः इस कीट की आंखें लाल होती है और इनका शरीर भूरे-पीले रंग का होता है।
  • पंख: इस कीट के पंख पारदर्शी होते हैं और पंखों पर काले रंग की धारियां बनी होती हैं।

फल मक्खी का जीवन चक्र | Life cycle of fruit fly

  • अंडा: मादा कीट फलों में अंडे देती हैं और अंडे देने के 2-3 दिनों के बाद लार्वा बाहर निकलने लगता है।
  • लार्वा: लार्वा का जीवन काल करीब 10 से 12 का होता है। इसके बाद लार्वा प्यूपा में बदल जाता है।
  • प्यूपा: फल मक्खी के जीवन चक्र का यह चरण सामान्यतौर पर 10 से 12 दिनों तक रहता है। ये कीट अपनी प्यूपा की अवस्था में मिट्टी में रहना पसंद करते हैं।
  • वयस्क: यह प्यूपा चक्र के बाद का चरण है। एक पूर्ण रूप से विकसित यानी वयस्क फल मक्खी का जीवन काल 2 से 3 महीने तक का होता है। इस दौरान मादा कीट कई बार अंडे देती हैं, जिससे इनकी संख्या तेजी से बढ़ती है।

नेनुआ की फसल में फल मक्खी से होने वाले नुकसान | Damage caused by fruit fly in sponge gourd crop

  • वयस्क मादा कीट पहले फलों में छेद करती है। इसके बाद फलों के अंदर ही अंडे देती है।
  • कुछ दिनों में अंडों से लार्वा निकलने लगते हैं और ये फल को अंदर से खाते हैं। जिससे कई बार फलों का आकार टेढ़ा-मेढ़ा होने लगता है।
  • छोटे एवं नरम फलों पर इस कीट का प्रकोप अधिक होता है।
  • फल की सतह पर कई छोटे छेद देखे जा सकते हैं।
  • परिपक्व होने से पहले फलों के गिरने की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
  • प्रभावित फल सड़ने लगते हैं।
  • कभी-कभी फलों की सतह के छेद से रस का स्राव होने लगता है।
  • इस कीट के प्रकोप के कारण फसल की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों  प्रभावित होती है।

नेनुआ की फसल में फल मक्खी पर नियंत्रण के तरीके | Methods to control fruit fly in sponge gourd crop

  • नेनुआ की फसल को इस कीट के प्रकोप से बचाने के लिए फसल चक्र अपनाएं।
  • बुरी तरह प्रभावित पौधों को उंखाड़ कर नष्ट कर दें।
  • गर्मी के मौसम में खेत में गहरी जुताई करें।
  • नेनुआ के पौधों के आसपास खुदाई करें। इससे मिट्टी में मौजूद प्यूपा कीट नष्ट हो सकते हैं और कीटों पर कुछ हद तक नियंत्रण किया जा सकता है।
  • खेत में फल मक्खी ट्रैप लगा कर कीट पर नियंत्रण किया जा सकता है।
  • इस कीट पर नियंत्रण के लिए प्रति एकड़ खेत में 4-6 स्टिकी ट्रैप भी लगा सकते हैं।

नेनुआ की फसल में फल मक्खी पर नियंत्रण के लिए रासायनिक विधि | Chemical method to control fruit fly in sponge gourd crop

  • प्रति एकड़ खेत में 300 मिलीलीटर सायनट्रानिलिप्रोल 10.26 % ओडी (बेनेविया) का प्रयोग करें।
  • प्रति एकड़ खेत में 50-80 मिलीलीटर थियामेथोक्सम 12.6 + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन 9.5%  जेड.सी. (देहात एंटोकिल) का प्रयोग करें।
  • फ्लुबेंडियामाइड 8.33 % + डेल्टामेथ्रिन 5.56 % w/w SC (बायर फेनोस क्विक) की 100-125 मिलीलीटर मात्रा का प्रति एकड़ की दर से प्रयोग करें।

कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के समय रखें इन बातों का ध्यान | Keep these things in mind while spraying pesticides

  • सुरक्षा पर ध्यान दें: कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के समय सुरक्षा पर ध्यान दें और अपने मुंह, नाक और आंखों को अच्छी तरह से ढकने के लिए मास्क, दस्ताने, चश्मे आदि का उपयोग करें।
  • सही मात्रा: कीटनाशक दवाओं की सही मात्रा का प्रयोग करें। दवाओं के अधिक प्रयोग से फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं।
  • निर्देशों का पालन: कीटनाशकों के पैकेट पर दिए गए निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ें और उन पर अमल करें।
  • हवा की दिशा पर ध्यान दें: जब हवा चल रही हो तब दवाओं के छिड़काव से बचें। हवा की दिशा के आधार पर, दवाएं अप्रत्याशित क्षेत्रों में फैल सकती हैं।
  • सही उपकरण का उपयोग करें: कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए स्प्रेयर, नोजल और पंप जैसे सही उपकरण का उपयोग करें। सही उपकरणों के इस्तेमाल से दवाओं का छिड़काव समान रूप से किया जाता है।
  • भंडारण और रख-रखाव: कीटनाशकों को सूखी, ठंडी जगह पर रखें। कीटनाशकों ऐसे स्थान पर भंडारित न करें जहां धूप आती है।
  • पहुंच से दूर रखें: हानिकारक रसायनों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए कीटनाशक के पैकेट को बच्चों और पशुओं की पहुंच से दूर रखें। दवा के संपर्क में आने पर, पानी से साफ करें और तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें।

नेनुआ की फसल को फल मक्खी से बचने के लिए आप क्या तरीका अपनाते हैं? अपने जवाब एवं अनुभव हमें कमेंट के माध्यम से बताएं। इस तरह की अधिक जानकारियों के लिए 'किसान डॉक्टर' चैनल को तुरंत फॉलो करें। इसके साथ ही इस पोस्ट को लाइक एवं कमेंट करना न भूलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | Frequently Asked Question (FAQs)

Q: फल मक्खी पर नियंत्रण का उपाय क्या है?

A: फल मक्खी पर नियंत्रण के कई तरीके हैं। हम बाजार में उपलब्ध रासायनिक दवाओं का प्रयोग करके इस कीट से निजात पा सकते हैं। इसके अलावा हम फेरोमोन ट्रैप, फल मक्खी ट्रैप, स्टिकी ट्रैप, खेत की गहरी जुताई, के द्वारा भी इस कीट पर नियंत्रण कर सकते हैं।

Q: फल मक्खियों से छुटकारा पाने में कितना समय लगता है?

A: फल मक्खियों पर नियंत्रण करने में लगने वाला समय कीट के संक्रमण की गंभीरता और नियंत्रण के लिए उपयोग किए गए उपायों पर निर्भर करता है। सामान्य तौर पर, किसी क्षेत्र से फल मक्खियों को पूरी तरह से खत्म करने में कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक का समय लग सकता है।

Q: फसलों में कीट प्रकोप के कारण क्या हैं?

A: फसलों में कीट के प्रकोप के कई कारण हो सकते हैं। फसल चक्र अपनाने की जगह एक ही फसल की लगातार खेती करना, मिट्टी की गुणवत्ता में कमी, मौसम की स्थिति, कीट नियंत्रण उपायों की कमी, कीटों को बढ़ावा देते हैं।

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